एक ऐसा काव्य-संग्रह जो दिन के कोलाहल और रात की निस्तब्धता के बीच जन्मा है। यह पुस्तक उस क्षण की अभिव्यक्ति है, जब मनुष्य स्वयं से संवाद करता है, जहाँ प्रश्न हैं, उत्तर हैं, और बीच में है सांझ की वह साँस, जो सबको जोड़ती है। इन कविताओं में प्रेम और पीड़ा, आत्मसंघर्ष और करुणा, प्रकृति और मानवता, सभी के स्वर गूंथे हुए हैं। मृत्युञ्जय की लेखनी हर कविता में एक शीतल आग जलाती है —जो हृदय को जलाए नहीं, बल्कि आलोकित करे। “सांझ की साँस” केवल पढ़ी नहीं जाती, यह महसूस की जाती है मानो जीवन की थकान के बाद कोई कोमल हवा मन के भीतर से गुज़र जाए।
सांझ की सांस
Author’s Name: MRITUNJAY CHATURVEDI
About the Author: मृत्युञ्जय चतुर्वेदी, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (भारत सरकार) में वरिष्ठ भूविज्ञानी के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी से स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की है और उनके वैज्ञानिक शोध मुख्यतः अंडमान सागर, मध्य हिंद महासागर, तथा बंगाल की खाड़ी के गहराई एवं तटीय निक्षेपों में सूक्ष्मजीव विविधता और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों पर केंद्रित हैं। इसके अलावा काव्य सृजन में उनकी रूचि अत्यंत प्रभावित करने वाली है |
Book ISBN: 9789373144894
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