प्रेम—एक ऐसी अनुभूति, जिसे शब्दों के दायरे में बाँधना असंभव है।प्यार, इश्क़, मोहब्बत—ये सब प्रेम के अलग-अलग रंग और चरण हैं। माँ और बच्चे का स्नेह, भाई-बहन का अपनापन, पति-पत्नी का समर्पण, प्रिय-प्रियसी की तड़प, या ईश्वर के प्रति भक्ति—हर रूप की परिभाषा भिन्न है, पर मूल सार एक ही है—प्रेम।आज के दौर में जहाँ रिश्तों को नए-नए नाम और सुविधानुसार गढ़े गए स्टेटस मिल जाते हैं, वहाँ कहीं न कहीं भावनाओं की गहराई खोती-सी प्रतीत होती है। प्रेम, जो कभी आत्मा की सबसे शुद्ध ध्वनि थी, अब मानो भीड़ में अनसुनी हो चुकी है। यह किताब उसी अनकहे, अनदेखे और खोए हुए प्रेम की खोज है।
सलोना सा सजन
Author’s Name: राखी मंशा
About the Author: "मेरा नाम राखी मंशा है। मेरा बचपन अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के पोर्ट ब्लेयर शहर में बीता। माध्यमिक शिक्षा के दौरान ही मैंने नाट्य गतिविधियों में भाग लेना शुरू कर दिया था। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं दिल्ली आ गई, जहाँ श्रीराम सेंटर रेपर्टरी कंपनी में तीन वर्षों तक बतौर पेशेवर अभिनेत्री कार्य किया। इसके बाद छह वर्षों तक मैंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा रेपर्टरी कंपनी में भी एक पेशेवर अभिनेत्री के रूप में अपनी कला को और निखारा।साल 2014 से मैं मुंबई में सक्रिय रूप से अभिनय जगत से जुड़ी हूँ और अब तक कुछ फ़िल्मों, वेब सीरीज़, धारावाहिकों और विज्ञापनों में काम कर चुकी हूँ।कविता लिखने का शौक़ मुझे बचपन से ही था, लेकिन कभी अपनी रचनाओं को पुस्तक रूप में प्रकाशित करने का विचार नहीं किया।"
Book ISBN: 9798900813905
.png)
