समंदर सिर्फ़ पानी का नहीं होता — ये वो अहसास है, जो भीतर गहराइयों तक उतरता है।इस कविता संग्रह में हर कविता एक लहर है — कोई शांत, कोई बेकल, कोई टूटती हुई, तो कोई किनारा छूने को बेताब।यह सिर्फ़ कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि एक भावनात्मक यात्रा है — आत्मा की परतों से शुरू होकर, उस किनारे तक जाती है जहाँ हम खुद को थोड़ी और गहराई से समझते हैं।अगर आपने कभी प्यार किया है, खोया है, खुद से सवाल किए हैं, या सन्नाटों को सुना है —तो “समंदर” की ये कविताएँ आपको अपने भीतर के समंदर से जोड़ देंगी।
समंदर
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