यह पुस्तक शिवसूत्र पर आधारित एक समकालीन और अनुभव-प्रधान व्याख्या है, जो कश्मीर शैव दर्शन को आधुनिक जीवन के प्रश्नों से जोड़ती है। लेखक ने इसे न तो शास्त्रीय जटिलता में बाँधा है, न ही धार्मिक उपदेश के रूप में प्रस्तुत किया है, बल्कि चेतना, मन और दैनिक अनुभव की भाषा में रखा है। आणवोपाय, शक्तोपाय और सम्भोपाय के माध्यम से यह पुस्तक आधुनिक मनुष्य की चिन्ता, थकान, पहचान-भ्रम और आन्तरिक असंतुलन को संबोधित करती है। यह उन पाठकों के लिए उपयुक्त है जो दर्शन को सिर्फ पढ़ना नहीं, समझना और जीना चाहते हैं।
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Author's Name: अशोक कुमार सिंह
About the Author: लेखक सेवानिवृत्त मैनेजमेंट प्रोफेशनल हैं, जिनका सक्रिय जीवन संगठन, नेतृत्व और निर्णय-प्रक्रियाओं की व्यावहारिक दुनिया में बीता। झुकाव उनका शुरू से ही मनुष्य के आन्तरिक जीवन, चेतना और अनुभव के मूल प्रश्नों की ओर था, लेकिन सेवा निवृति के बाद यह गंभीर अध्ययन और आध्यात्मिक अनुभव की ओर बढ़ा। जीवन के प्रति उनके विचार किसी अकादमिक शोध या धार्मिक आग्रह का परिणाम नहीं, बल्कि जीवन-अनुभव, आत्मचिन्तन और शान्त अवलोकन से उपजी समझ की अभिव्यक्ति है। लेखक का उद्देश्य जटिल दार्शनिक अवधारणाओं को सरल, सजीव और आधुनिक जीवन से जुड़ी भाषा में प्रस्तुत करना और लोकप्रिय बनाना है; ताकि पाठक अपने ही अनुभव में स्पष्टता और संतुलन पा सके।
Book ISBN: 9789375103691
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