Description of the Book:
यायावरी ही है मेरे ख्यालों की जो कविताओं के रूप में उभर कर सामने आई है। विचित्र है यह यायावरी भी मेरे ख्यालों की, जो कभी राह चलते राहगीर के साथ हो लेते हैं और उसी के साथ ही दूर निकल जाते हैं, कभी दरख़्तों पर बैठे पक्षियों की चोंचों में फस कर दूर कहीं आसमानों मैं खो जाते हैं, कभी कहानियों का जाल बुनते हैं, और कभी ख्वाबों को सहेजते हैं, तो कभी वर्तमान की सीमाओं को लाघते हुए यादों में कहीं पीछे चले जाते हैं और वही का होकर रह जाते हैं और कभी सबके विपरीत शब्दों के जाल में फस कर उलझ जाते हैं शब्दों और अर्थों के ताना-बानों में...
ये यायावरी मेरे ख्यालों की
SKU: 9789357741491
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Author's Name: Shekharendu Prakash About the Author: I am teacher of Russian language and literature. My specialization is in literature. At present, I am teaching as temporary assistant professor in the Department of Russian at The Maharaja Sayajirao University of Baroda. Book ISBN: 9789357741491
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