Description of the Book:
ईश्वर की बनाई इस सृष्टि के कई रंगरूप है। जिंदगी जैसे जैसे आगे बढ़ती है तब हमारी आयु के साथ साथ समझदारी और अनुभव, नज़रो से नज़रिए को समजाते है। समय के साथ साथ परिपक्व बनाते है। हमारे आसपास की घटनाएं सोचने की प्रक्रिया को और भी तेज़ करती है। हमारी भावनाओं को एक दूसरे के साथ जोड़ती है और जब इसे शब्दोंमें अभिव्यक्त करते है तब सब को लगता है की, ये तो हमारी बात है! इस पुस्तक में एकदम सरलरूप से कुदरत, मानवीय पहलु और सांप्रत घटनाओं को कविता के ज़रिए पेश करने का नम्र प्रयास किया है। हाँ, अगर आज के परिप्रेक्ष्य में कहे, तो जीवन का हर पल हमारे साथ "सेल्फी" लेता है। ये जीवन है...
ये जीवन है...
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