Description of the Book:
"जीवन की कठिनाइयों और संघर्षों के बीच, खुद को ढूंढना कभी आसान नहीं होता। जीवन की चुनौतियों के बीच खुद को खोजने की यात्रा एक प्रेरणादायक किताब है जो उन सभी के लिए है जो हर दिन नई मुश्किलों का सामना करते हैं, लेकिन उम्मीद नहीं छोड़ते।
यह किताब आपको आत्म-प्रेरणा और संघर्ष की कहानियों के माध्यम से, अपने भीतर की ताकत को पहचानने में मदद करेगी। हर पन्ना आपको सिखाएगा कि कैसे खुद को स्वीकारें और कहें, “मैं हूँ!”
इस पुस्तक के साथ, जीवन की जटिलताओं को समझें और खुद को खोजें।"
मैं हूँ !-अगर, मगर और काश !
SKU: 9789363305878
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Author's Name: समीक्षा बेड़ेकर
About the Author: लेखिका समीक्षा बेड़ेकर एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं, जो जीवन की जटिलताओं और आत्म-खोज की यात्रा में गहराई से उतरती हैं। उनका लेखन संघर्ष और उम्मीद की सशक्त छवि प्रस्तुत करता है, जो पाठकों को आत्म-प्रेरणा और नए दृष्टिकोण प्रदान करता है।उनके पास 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें ह्यूमन रिसोर्सेज-(HR) में लर्निंग एंड डेवलोपमेन्ट, टैलेंट मैनेजमेंट और लीडरशिप डेवलपमेंट शामिल हैं। उन्होंने MBA की पढ़ाई की है। NCC एयरविंग में कैडेट वॉरंट अफसर के रैंक पर भारत का प्रतिनिधित्व SAARC सम्मेलन में श्रीलंका में किआ था। गणतंत्र दिवस कैम्प और एयरफोर्स अटैचमेंट कैम्प में राष्ट्रीय कैम्प्स में महाराष्ट्र डायरेक्टरेट का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने अब तक 6 देशों की यात्रा और इस वर्ष 12 ज्योतिर्लिंग दर्शन भी की है| Book ISBN: 9789363305878
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