यह कविताओं का संग्रह एक स्त्री की अनकही भावनाओं, संघर्षों और उम्मीदों का साक्षी है। इन कविताओं में मैंने अपने मन के वे अनछुए पहलू व्यक्त किए हैं, जो अक्सर बोलने से रह जाते हैं। हर कविता में जीवन के विभिन्न रंग, दर्द, मोह, प्रेम, आशा और संदेह की गूंज है। यह केवल मेरी नहीं, बल्कि उन सभी महिलाओं की आवाज़ है, जो अपने भीतर छुपे जज़्बातों को बयाँ करने का साहस करती हैं। इस संग्रह के माध्यम से मैंने अपनी आत्मा की यात्रा को शब्दों में पिरोया है, जो आपको सोचने और महसूस करने पर मजबूर कर देगा।
मेरी कविताएँ केवल शब्द नहीं, बल्कि मेरे दिल के वे पन्ने हैं, जो आपके साथ जुड़ना चाहती हैं। आशा है कि आप इन्हें अपने मन से महसूस करेंगे और इस यात्रा में मेरे साथ चलेंगे।
"मैं" से "मां" होने का सफ़र
Author’s Name:
Madhuri Sharma
About the Author: माधुरी शर्मा एक कवयित्री और कहानीकार हैं, जो अपने अनुभवों और भावनाओं को शब्दों में पिरोती हैं। बचपन से ही उन्हें लिखने का शौक रहा है और वे अपने लेखन के माध्यम से जीवन की जटिलताओं को व्यक्त करती हैं। माधुरी अपनी कविताओं में खासकर स्त्री जीवन, संवेदनशीलता और आत्म-खोज के विषयों को छूती हैं। वे एक गृहिणी और माँ भी हैं, जो अपने जीवन के हर पहलू से प्रेरणा लेती हैं। माधुरी का उद्देश्य अपने पाठकों तक सच्चाई और उम्मीद की बात पहुंचाना है।
Book ISBN: 9789373147154
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