Description of the Book:
इस बेतरतीब ज़िंदगी में...
ख़ुद को खोकर, ख़ुद को पाने का..
मेरा ज़रिया ॥
जीवन और प्रेम पर कविताओं का संग्रह।
मेरा ज़रिया
SKU: 9789357698429
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Author's Name: Megha Tyagi About the Author: लेखक की रचना अमूमन एक कृति नहीं होती बल्कि कहीं ना कहीं खुद लेखक के व्यक्तित्व का आईना होता है।ये बात मेघा की लेखनी से भी झलकती है। देश की राजधानी दिल्ली में पैदा हुई मेघा त्यागी की शुरुआती शिक्षा पहाड़ों से घिरे बेहद खूबसूरत शहर देहरादून में हुई। उनके पिता जी बैंक में थे जिसमें उनके तबादले खूब हुए तो इसका फ़ायदा घर के बच्चों को अलग तरह से मिला। जहाँ बचपन से ही इनमें ढेरों लोगों को जानने-समझने के साथ ही साथ एक बड़े समाज, अलग-अलग कला संस्कृति, बोल-भाषा और प्रकृति के प्रति सामान्य से बेहतर समझ विकसित हुई। कला ईश्वर प्रदत्त होती है…जो किसी के पास एक विधा में तो किसी के पास अनेकों विधाओं में हासिल हो जाती है। मेघा त्यागी की बनायी पेंटिंग, स्केचिंग को देखकर उन्हें किसी एक कला से युक्त मानना दूसरी कला के साथ सौतेला व्यवहार करने जैसा होगा। लेखन, पेंटिंग, स्केचिंग करने के साथ ही व्यावसायिक जगत में कदम रखते हुए इन्होंने “Eight Owls Branding" के नाम से सबसे पहले एक advertising एजेंसी का गठन किया। जिसे सफलता पूर्वक नौ वर्षों तक संचालित करने के बाद उन्होंने हाल ही में अपने ई-कॉमर्स ब्रांड, "धागा कल्चर प्राइवेट लिमिटेड" की स्थापना की। जिसके माध्यम से ना वो सिर्फ़ भारत सरकार के “Make in India” कार्यक्रम को साकार कर रही हैं वरन भारत के हथकरघा एवं हानिर्मित उद्योग से जुड़े लोगों को सम्मानपूर्वक ज़िंदगी जीने का एक बड़ा मंच भी देने का कार्य कर रही हैं। कॉरपोरेट जगत में काम करने के बावजूद वह वास्तव में मानती हैं कि उनका दिल लेखन की दुनिया से जुड़ा है। Book ISBN: 9789357698429
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