Description of the Book:
"हम में से हर कोई...जीवन में कभी न कभी किसी ऐसे से ज़रूर मिलता है...जो हमारे जीवन का हिस्सा तो नहीं बन सकता परंतु हमारे हृदय का हिस्सा बन जाता है।
जिसके साथ हमेशा हमने बस सुकून अनुभव किया होता है।हम जिसे अपने साथ नहीं रख सकते थे इसलिए उससे ये वादा कर आए कि...मैं याद रखूंगा...
ये किताब हमारे जीवन के उन्हीं अधूरे वादों के नाम."
मैं याद रखूंगा-कुछ कविताएं ज़िंदगी के अधूरे वादों की याद में
SKU: 9789369537440
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Author's Name: पीरु मस्ताना
About the Author: "हम एक ही जीवन के समानांतर कईं जीवन जीते है...एक वो जो हम बाकी सबके लिए है और बाकी वो जो सबकी वजह से हमारे अंदर ही बिना जिया रह जाता है.... पीरू मस्ताना हम सबके जीवन का वही हिस्सा है जिसे हम बस खुद के साथ जीते हैं।मुझे उम्मीद है कि मेरे इस प्रयास में आप अपने जीवन का वही भाग जी पाएंगे।" Book ISBN: 9789369537440
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