इस संग्रह की कविताएँ जीवन के विविध आयामों को स्पर्श करती हैं — नारी के संघर्ष और उसकी अस्मिता, बलात्कार जैसी सामाजिक विसंगतियाँ, दहेज की प्रताड़न, गृहिणी के मौन त्याग, पर्यावरण की क्षति, समय के प्रवाह में मानवीय जिजीविषा, शब्दों की शक्ति, और बेटियों के अंतःसंघर्ष — प्रत्येक कविता एक विचार है, जो संवेदना के धरातल पर समाज से प्रश्न करती है।
मैं क्या सवाल उठाऊँगी
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