Description of the Book:
"दिल की दराज़ से 'शायरी' काग़ज़ पर लिखी कुछ पंक्तियां नहीं हैं, बल्कि जज़्बातों का और दिल के एहसासों का वो समन्दर है जो लोग कभी किसी से कह नहीं पाते हैं। यह किताब और इसकी पंक्तियों के माध्यम से उन सभी एहसासों को दिल से कलम तक पहुंचाने की सिर्फ एक कोशिश हैं।
कभी कभी कुछ ऐसी बातें और जज़्बात होते है, जिन्हें हम चाहकर भी किसी से कह नहीं पाते है और वो बातें जब दिल से निकलती है तो कुछ इस तरह बयां होती हैं ।"
मैं और मेरे अल्फ़ाज़-दिल की दराज़ से ... 'शायरी'
SKU: 9789369546398
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Author's Name: Diaksha20 (आकांक्षा वार्ष्णेय )
About the Author: "'आकांक्षा वार्ष्णेय' एक आम नाम जो परिस्थितियों के कारण कब Diaksha20 बनी, पता ही नहीं चला। 'आकांक्षा' एक जिंदादिली की पहचान है, कभी हार न मानने की वो इच्छा जिसका सबूत है, यह क़िताब *मैं और मेरे अल्फ़ाज़* !!!आकांक्षा पेशे से एक टीचर है, जिनको लिखना, संगीत सुनना, एवंं चित्रकला करना पसंद है। आप अपने विद्यार्थियों के बीच 'प्रेरणादायक वक्ता' के रुप में जानी जाती हैं, और सहकर्मि आपको एक मस्तमौला, शांत, सबकी मदद के लिए आतुर व्यक्तित्व के रुप में जानते हैं।" Book ISBN: 9789369546398
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