"मन् निहित केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि एक अंतर्यात्रा है—मन के उन कोनों की, जहाँ स्मृतियाँ, संवेदनाएँ, और विचार एक साथ साँस लेते हैं। यह संग्रह रिश्तों की ऊष्मा, प्रकृति की छटा, आत्मचिंतन की गहराई और सामाजिक संवाद की सजीव झलकियाँ प्रस्तुत करता है।
हर कविता एक संवाद है—कभी स्वयं से, कभी समय से, और कभी उस मौन से, जो सब कह जाता है।
यहाँ शिव की स्तुति है, बचपन की स्मृति है, संघर्ष की पुकार है, और प्रेम की कोमलता भी।मन् निहित उन पाठकों के लिए है जो शब्दों में आत्मा की धड़कन सुनना चाहते हैं—जो कविता को केवल पढ़ते नहीं, जीते हैं।"
मन् निहित
Author’s Name: मनीत
About the Author: "मनीत एक भावनाशील और रुचिकर कवि हैं, जो कविता को रचनात्मक आनंद और आत्मिक संतुलन का माध्यम मानते हैं। वे पेशेवर नहीं हैं, पर उनकी लेखनी में वह सच्चाई और संवेदना है जो पाठकों को भीतर तक छू जाती है।उनकी कविताएँ भक्ति, स्मृति, संघर्ष, प्रेम और सामाजिक संवाद जैसे जीवन के विविध रंगों को समेटे हैं। मन् निहित उनकी पहली काव्य-संग्रह है, जो मन की गहराइयों से उपजी है और पाठकों के मन तक पहुँचने की आकांक्षा रखती है।"
Book ISBN: 9781807151539
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