“मन के काग़ज़ पर” दिल के उन अनकहे जज़्बातों की कहानी है, जो शब्दों में ढलते-ढलते एहसास बन गए। सुष्मिता मिश्रा की यह काव्य-यात्रा प्रेम, विरह, यादें और आत्मसंवाद का संगम है। हर कविता एक आईना है — कभी मुस्कुराता हुआ, कभी नम आँखों वाला। सादगी और गहराई के मेल से लिखी यह पुस्तक पाठक को अपने भीतर झाँकने का निमंत्रण देती है — जहाँ शायद आप खुद को फिर से पा लें।
मन के काग़ज़ पर
SKU: 9781807151669
₹110.00Price
Author’s Name: 🖋️ — सुष्मिता मिश्रा —
About the Author: सुष्मिता मिश्रा एक संवेदनशील कवयित्री और कहानीकार हैं, जिनकी लेखनी दिल से निकले एहसासों को सहज शब्दों में पिरो देती है। उनके लिए लेखन आत्म-अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि आत्म-यात्रा है। रोज़मर्रा की ज़िंदगी के छोटे-छोटे पल, रिश्तों की गहराई और मन के अनकहे भाव उनकी रचनाओं में जीवंत हो उठते हैं। “मन के काग़ज़ पर” उनकी वही भावनात्मक दुनिया है, जहाँ सादगी, सच्चाई और एहसास एक साथ साँस लेते हैं।
Book ISBN: 9781807151669
.png)
