“भावधारा” उन भावनाओं की निरंतर धारा है जो मन और आत्मा से निकलती हैं।इसमें प्रेम, विरह, और जीवन की अनकही कहानियाँ बहती हैं।हर कविता एक एहसास जगाती है, हर पंक्ति में छुपा है एक अनुभवजो दिल को छूकर सीधे आत्मा तक उतर जाता है।यह संग्रह उनके लिए है जो शब्दों को महसूस करना जानते हैं,और हर भावना को जीने का साहस रखते हैं।
भावधारा
SKU: 9789373140636
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Author’s Name: दिक्षा डिंगरोदिया
About the Author: दिक्षा डिगंरोदिया एक युवा लेखिका और कवयित्री हैं, जिन्होंने अपने अनुभवों और भावनाओं को शब्दों में ढालकर अपना पहला कविता-संग्रह “भावधारा” प्रस्तुत किया है। यह संग्रह आत्मचिंतन, प्रेम और जीवन की गहराइयों को उजागर करता है। दीक्षा का मानना है कि लेखन आत्मा की वह भाषा है, जो दिल से निकलकर सीधे हृदय तक पहुँचती है।
Book ISBN: 9789373140636
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