भारत का परिदृश्य हिमालय की शीतल भव्यता से लेकर गंगा की जीवनदायिनी धाराओं तक, पश्चिम के थार रेगिस्तान से लेकर हरित घाटों और विस्तृत तटों तक फैला है। यहाँ की जैव विविधता में हाथी, बाघ जैसे अनमोल जीव इसे और भी विशिष्ट बनाते हैं। यह भूमि विविध रंगों, स्वरूपों और अनुभवों का संगम है, जहाँ प्रकृति और विकास साथ-साथ चलते हैं। इन्हीं सब रूपों की झलक इन कविताओं में अभिव्यक्त हुई है।
भारत के परिदृश्य
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Author’s Name: डॉ. अंजू दवे वैश
About the Author: अंजू एक रचनात्मक कहानीकार और खोजी स्वभाव की शोधकर्ता हैं, जिनमें हास्य का खास अंदाज़ भी है। वे हमेशा नए विचार बुनती रहती हैं ताकि खुद और दूसरों को प्रकृति के करीब ला सकें।
Book ISBN: 9789373145150
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