“बस यूँ ही” एक भावनाओं से भरा कविता-संग्रह है, जिसमें जीवन के हर उस पहलू को शब्द दिए गए हैं जिसे हम अक्सर महसूस करते हैं पर कह नहीं पाते। इस संग्रह में कुल 25 कविताएँ हैं — जो प्रेम, तन्हाई, यादें, रिश्तों की ऊष्मा, जीवन की उलझनें और प्रकृति की चुप्पी को स्पर्श करती हैं।हर कविता एक अहसास है, एक अधूरी कहानी है, जो पाठकों को खुद के भीतर झाँकने का अवसर देती है।यदि आपने कभी कुछ बिना वजह महसूस किया है — तो “बस यूँ ही” आपके दिल की आवाज़ बन जाएगी।
बस यूँ ही
SKU: 9789372138276
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Author’s Name: लेफ्टिनेंट कुलदीप पांडेय
About the Author: "लेफ्टिनेंट कुलदीप पांडेय, भारतीय नौसेना के एक वीर अधिकारी और भावनाओं के संवेदनशील लेखक,आपको आम जीवन के खास भावों की दुनिया में ले चलते हैं —जहाँ प्रेम है, पीड़ा है, आत्ममंथन है, और सच्चाई है…कोई शोर नहीं — सिर्फ़ शब्दों की सच्चाई… बस यूँ ही।"
Book ISBN: 9789372138276
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