Description of the Book:
मन की बात
कवि ने अपने गाँव के इर्द-गिर्द स्थित जंगल पहाड़, नदी-नालों और यहां के सुंदर वातावरण में बसे नम्र, शांत और विनीत किसानों तथा नर-नारियों के रहन-सहन, उनकी प्राकृतिक सुंदरता और उनके स्नेहल स्वभाव से प्रभावित हो कर कविता की उपज की है। कविता में नारी की सुंदरता और उसके प्यार को दर्शाया गया है। कविता की भाषा अत्यंत ही सरल है। उनकी कविता का क्षेत्र नारी सुंदरता और उसके प्रति प्यार है।
गाँव का वातावरण दिन हो या रात शांत ही रहता है। कभी गाय के रंभाने की आवाज आ जाती है और कभी उसके गले की घंटी की। रात के दूसरे पहर में किसी छोटे बच्चे के रोने की आवाज। प्रदूषण के नाम बस यही हैं।
नारी परिश्रम करने वाली, हाट-बाजार करने वाली है। वह अत्यधिक प्यार से रखी जाने वाली एक सृजन है। एक सामान्य जीवन जिसकी कोई और चाह नहीं। वह पुरुष की हमसफर है। रास्तों पर नहीं पगडंडियों पर चलती,पनघट से पानी भरती, झरनों में नहा लेते। जहाँ तक उनकी नजरें जाती, उनकी दुनिया वहीं तक है। साड़ी पहनती नहीं घुटनों तक लपेट लेती है। उसकी सुंदरता बालो पर भी नजर आती। ऐसे प्यार को कवि ने अपनी पुस्तक "पुष्पा" के माध्यम से प्रस्तुत किया है।
पुष्पा
Author's Name: बेनेडिक्ट टोपनो About the Author: बेनेडिक्ट का जन्म झारखंड के सुदूर देहात में जंगल-झाड़, पर्वत झरनों के बीच एक गरीब परिवार में हुआ। उनमें कॉलेज समय के दिनों से ही लिखने का शौक पैदा हुआ। नारियों की सुंदरता से प्रभावित हो कागजों पर अपने मन व दिल में उठने वाले रंगीन बुलबुलों को लिखना आरम्भ किया, जिन्हें छोटे दायरे के पाठक 'बेन' बाँसुरी के नाम से पहचानने लगे थे, फिर 'पुष्पा' के प्यार में अक्सर यहां-वहां कुछ न कुछ लिख कर भूल जाते रहे। उन बिखरी कविताओं के कुछ नमूने इस पुस्तक के रूप में लोगों के लिए प्रस्तुत है, आशा है कि उनकी कविताएं सभी पाठकों के मन को बांधने में कुछ हद तक कामयाब होगी और उनकी देहाती अनुभूति पसंद आएगी। Book ISBN: 9789357691314
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