कविता के इस संकलन के माध्यम से प्रकृति की अनुपम छटा का वर्णन उसकी जीवंतता और जीवन के मौलिक पंचतत्वों की महिमा गायन एवं वंदन के साथ साथ संबंधों के भावनात्मक लगाव को भी दर्शाया गया है । नैसर्गिक सौंदर्य, प्रेम , पीड़ा, आशा ,निरंतरता , धड़कन एवं रिश्तों की गहराई का अहसास एक अच्छे व्यक्तित्व को प्रतिपादित करती हैं |
प्रकृति की डोर
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Author’s Name: रामजीत सिंह
About the Author: कविता का यह नव संकलन रामजीत सिंह द्वारा रचित एवं संग्रहीत है । शैक्षणिक रूप से रचनाकार रसायन विज्ञान स्नातकोत्तर तथा भारत सरकार के अधीनस्थ विभागों में विभिन्न उच्च पदों पर आसीन रहते हुए विज्ञान एवं अभियांत्रिकी के क्षेत्र में परीक्षण, अन्वेषण के योगदान सहित वर्तमान में सेवा निवृत्त है । हिंदी भाषा के प्रति विशेष लगाव तथैव राजभाषा के क्रियान्वयन में भी अपनी मौलिक रचनाओं का सक्रिय योगदान दिया है । इसी क्रम में प्रदत्त इस अवसर का सदुपयोग नव कविता लेखन के रूप में समय और रुचि को ध्यान में रखते हुए निरंतर एक प्रयास जारी है ।
Book ISBN: 9798898657710
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