"'कभी शून्य तो कभी जगत को,
शांतचित से परख रही ये।'यह संकलन बस कुछ पंक्तियों का खज़ाना है जो दिल की तिजोरी में छुपी हैं। इस काव्य-संग्रह में कवयित्री ने उम्मीद, उलझन, दोस्ती, प्यार, और इंतज़ार जैसे विषयों के हर एक पहलू को छुआ है, जिन्हें हम महसूस तो करते हैं पर व्यक्त करने से कतराते हैं।
इस संग्रह को पढ़ते हुए आप हर शब्द के साथ एक नया एहसास जियेंगे, हर पंक्ति में ख़ुद को ढूंढ़ पाएँगे, और हर कविता के साथ एक नई उड़ान भरेंगे।"
नई उड़ान
Author’s Name: नीलम शुक्ला
About the Author: "श्रीमती नीलम शुक्ला का जन्म बिहार राज्य के फ़ॉर्बेसगंज नामक शहर में हुआ है। इन्होंने विज्ञान में स्नातक प्राप्त किया है। इन्हें कविताएँ तथा कहानियाँ लिखने में अत्यंत रुचि है। इनकी कविताओं की विशेषता उनकी सरलता में है, तभी इनकी रचनाएँ हर उम्र के लोगों में लोकप्रिय हैं।"
Book ISBN: 9798898658366
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