Description of the Book:
शायद इस किताब के बारमे इसका नाम हि काफी कुछ केह गया होगा आपसे, मैं और क्या बताऊ. बस बात इतनीसी हैं कि बहुत कुछ होता हैं दिल में और अक्सर वो बांते हम बयां करना भूल जाते हैं, बांटनेके लिये तो पुरा समंदर पडा हैं दिल में शब्दों से भरा हुआ, पर दिल डरता हैं किनारा कभी मिल भी पायेगा या नहीं इन खयाली लेहरोंको और ये एक पहली छोटीसी कोशिश हैं आप सब के सामने मेरे दिल के गुल्लक को खोलने कि, आशा करती हूं जो भी मेरे गुल्लक में समाया हैं आपको पसंद आयेगा.ये हिंदी में भी लिखने कि मेरी पहली कोशिश हैं, कुछ गलती हो तो माफ करीयेगा और अच्छा लगे तो जरुर औरोंके साथ इस गुल्लक के किमती मोती बांटीयेगा.
धन्यवाद ?
दिल कि गुल्लक से निकले अल्फाजोंका सफरनामा
SKU: 9789357748896
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Author's Name: भाग्यश्री हर्षवर्धन About the Author: कुछ खास नहीं हैं मेरी कहानी.आप लोगोंमें से हि एक हूं मैं,बस दिल और दिमाग में चल रहे तुफानी सोच को शब्दों में बयां करना आदत हैं मेरी. वैसे तो मराठी लिखना शौक हैं मेरा पर इसबार कुछ नयी कोशिश हैं.चल रहे खयाल को क्या हि मालूम कौनसी भाषा हैं और कौन इन्सान उसे लफ्ज दे राहा हैं उन्हे, बस स्याही से होकर कागज पर उतरना और किसी जजबाती दिल तक पहुचना यही सफर उनका होता हैं , और खयाल और शब्दों के इस सफरनामा में मैं भी एक सवारी हूं. Book ISBN: 9789357748896
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