यह किताब महज कविताएं नहीं बल्की भावनाओ का समंदर है वो समंदर जिसे पर करते हुए लहरे आपको कभी ऊंचे चट्टानो जेसी लाएगी तो कभी पानी की बूंदो जेसी lप्रेम और दर्द के बिच की जो दीवार है शायद ये किताब उसी दीवार का वर्णन करती है l
दो पल
SKU: 9781807159832
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Author’s Name: शुभांगी नारायण
About the Author: "शुभांगी नारायण बिहार की रहने वाली एक 19 वर्ष की छात्रा हैl दो पल इनकी पहली किताब है, इस किताब में इनहोने प्रेम दर्द एवं मोह का वर्णन बेहद ही खूबसूरत से किया हैl यह अपनी पढ़ाई अभी उत्तराखंड के उत्तरांचल यूनिवर्सिटी से कर रही हैl इन्हे कविता लिखने की प्रेरणा इनकी मां से प्राप्त हुई हैl शुभांगी का कहना है “जिंदगी की तलाश अभी जारी है “ ये तो बस शुरुआत है, पिक्चर अभी बाकी है l"
Book ISBN: 9781807159832
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