"जैसे ही पंखुड़ियाँ खुलती हैं, और रौशनी मुक्त हो जाती है, आपके भीतर एक नया युग जागता है। 'जीवन एक जागतिक युग में प्रवेश करता है' आत्म-उपचार की यह परिवर्तनकारी यात्रा,कोमल से सक्षम अणुओ में अपने प्रयोजन का प्रसार करती है। गूढ फुसफुसाहट और प्यार भरे संकेत के साथ, यह भावपूर्ण साथी पथ को रोशन करता है,आंतरिक चमक के लिए आत्म-खोज की यात्रा पर चल पड़ता है और परिणाम से रूबरू होते हुए वास्तविक सौंदर्य उजागर होते देख सकता है."आपके जीवन में उद्देश्य से भरा एक नया युग शुरू हो जाता है। जुनून, और बेलगाम खुशी के साथ उनका सन्मान जरुरी है.आभार.
तू अभी भी लाजवाब है.
SKU: 9789369540167
₹110.00Price
Author’s Name: Manisha keshav
About the Author: """मनीषा केशव, एक शब्द शिल्पी, पथिक और आशा की बुनकर है.एक ऐसे दिल के साथ उनका नाता है जो टूटा भी है और जुड़ा भी है, मनीषा ने जीवन की जटिलताओं से ज्ञान पाया है,उसकी सुंदरता और क्रूरता को समान जुनून के साथ अपनाना सीखा है। प्रेम, आत्म-प्रतिबिंब और रचनात्मक अभिव्यक्ति की परिवर्तनकारी शक्ति से उन्होंने ने अपने स्वयं के घावों को ठीक कर दिया है, अब वे मजबूत, समझदार और अधिक उज्ज्वल बनकर उभर रहे हैं .आत्म-खोज, उपचार और विकास की अपनी यात्रा पर दूसरों का मार्गदर्शन करने के लिए अपने शब्दों के उपहार को साझा कर रहे है.आशा है आप इस मानव मूल्य की महत्ता स्थापित करती कृति से अवश्य प्रेरणा पाओगे.आभार."
Book ISBN: 9789369540167
.png)
