Description of the Book:
"क्या आप अब भी अपने बचपन की मीठी यादों को संजोकर रखते हैं? वो खिलखिलाती हँसी, बेपरवाह शरारतें और नादानियाँ—यह किताब उन्हीं भूले-बिसरे लम्हों को फिर से जीने का न्योता देती है!
यह कविताओं का एक मज़ेदार संग्रह है, जो आपको हँसाएगा, गुदगुदाएगा और बचपन की गलियों में वापस ले जाएगा। यह सिर्फ बच्चों के लिए नहीं, बल्कि उन सभी के लिए है, जिनके अंदर का बच्चा अब भी जिंदा है और मुस्कुराने की वजहें ढूँढता है।"
टूट पूंजी कवितायें-छुटपन का साहित्य
SKU: 9789369548316
₹110.00Price
Author's Name: श्रेयस अनिल लोवलेकर
About the Author: "श्रेयस अनिल लोवलेकर, एक लेखक, पटकथाकार और कहानीकार हैं, जो पिछले 15 वर्षों से टेलीविज़न, वेब सीरीज़ और फ़ीचर फिल्मों के लिए कहानियाँ रच रहे हैं।बचपन की मासूमियत, सरलता और मस्ती को संजोना उन्हें बेहद पसंद है, और यही भाव उनकी कविताओं में झलकता है। इस कविता संग्रह के माध्यम से वे पाठकों को फिर से उन दिनों में ले जाना चाहते हैं जब छोटी-छोटी चीज़ों में बड़ी खुशियाँ हुआ करती थीं।वह 40 साल के हैं, लेकिन दिल से आज भी एक बच्चा ही हैं!" Book ISBN: 9789369548316
.png)
