किताब "ज़िन्दगी खिज़ा और बाहर"में ज़िन्दगी के हर रंग को दर्शाने की कोशिश की है ज़िन्दगी हर वक्त एक सी नहीं रहती कभी ख़िज़ा की तरह अंधेरा तो कभी बाहर की तरह खुशियों का सवेरा बस इसी खुशी ओर गम के संगम से मिल के बनी है ज़िन्दगी ओर ज़िन्दगी के उतार चढ़ाओ से बनी है ये चंद कविताऐं
ज़िन्दगी ख़िज़ाँ और बहार
SKU: 9798900811345
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Author’s Name: अंसारी गुलबहिश्त
About the Author: "अंसारी गुलबहिश्त, पेशे से एक फार्मासिस्ट और प्रशिक्षित नर्स हैं, जो एक क्लिनिक में अपनी सेवाएँ देती हैं। अपनी व्यस्त दिनचर्या और ज़िम्मेदारियों के बीच भी उन्होंने साहित्य और कविता के प्रति अपने जुनून को जीवित रखा है।उनकी पहली पुस्तक “ज़िन्दगी ख़िज़ाँ और बहार” उनकी संवेदनशीलता और मेहनती जीवन का सजीव प्रमाण है। इस संग्रह में उन्होंने जीवन के हर रंग—दुख और सुख, रिश्ते और संघर्ष और उम्मीद—को शब्दों में पिरोकर पाठकों के सामने रखा है।"
Book ISBN: 9798900811345
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