Description of the Book:
मुझे लगता है कि कविताओं में जादू होती है । वह तुमसे बातें कर सकती है, तुम्हे कुछ बता सकती है, सीखा सकती है । कविताओं की कोई सीमाएं नही होती, वे नही मानती दुनिया के उसूल और नियमों को, कविताएं आजाद होती है । पर हां, कविताओं में जादू जरूर होती है । जादू जो किसी हारे हुए को बता दे की अभी भी हजारों चीज़ें है मुस्कुराने के लिए, थामे अपने आप को फिर उठ जाने के लिए । जो किसी को ये एहसास दिला दे की हम कर सकते है बातें उस पहली बारिश से भी, देख सकते है चांद को दूरबीन बनाकर, मिलों दूर तक की नाराज़गी किसी की, और कैसे हम किसी के खुलकर हंसने पर, उसके गालों के बीच आए भंवर में भी आराम से जिंदगी भर रह सकते है । मैंने कभी किसी को यह सारी बातें एक दूसरे को कहते-बताते नही सुनी । शायद हमने वह जिम्मेदारी कविताओं पर सौंप दी है । बस इसीलिए ही शायद हमसे बातें करती है कविताएं !
जादू
Author's Name: Sumit Kumbhar About the Author: मैं एक कलाकार हूं । मैं अपने आप को फिलहाल कोई कवि या लेखक नहीं कहूंगा । क्योंकि शब्दों के साथ मेरा रिश्ता काफी नया है । कविताओं के भी काफी पहले से मुझे शौक था चित्रकला का, उम्र के साथ साथ रंगों से प्यार थोड़ा और बढ़ा । ये पसंद मुझे अपने पिता से मिली। कुछ दिनों बाद चित्र मेरी भाषा बन गए, और शब्द थे उन सारे लोगों की मुस्काने जिन्हे मैने कागज पर बनाया । जल्द ही मेरी मुलाकात हुई संगीत से और फिर मुझे इस बात का यकीन हुआ, की संगीत को सुन कर, दिल से मुस्कुराना जीवन में कितना महत्वपूर्ण होता है किसी व्यत्ति के लिए । ठीक उसी वक्त बांसुरी मेरी अच्छी दोस्त बनी । और अगर बात करे कविताओं की, तो दरअसल कविताओं से मिलने से पहले मैं किसी और से मिला था । कविताएं पढ़ने, लिखने और समझने का सिलसिला बस वही से शुरू हुआ । फिर मैने पढ़ा कुछ बेहतरीन कवियों और लेखकों को, और जाना की दुनिया की इतनी सारी खूबसूरत, महत्वपूर्ण और गहरी बातों को बिल्कुल सहज और सरल शब्दों में लिख पाने से बड़ी कोई कला नही है । Book's ISBN: 9789395314718
.png)
