Description of the Book:
यह काव्य कोष विभिन्न भाव मणियों से भरा रत्न कलश है जहाँ वर्तमान स्थिति का यर्थाथ चित्रण, समयाभाव की पीड़ा और व्याकुलता है, कभी 'धैर्य' संतुलन है तो कहीं अभिव्यक्ति की कठिनाइयों का एहसास, कहीं 'कर्म और भाग्य' पर निर्भरता है तो कहीं जिम्मेदारी के भान भरी शर्मिंदगी है। वर्तमान में जीना सिखाती खुद से वादा करती कविताओं में कही भटकन तो कहीं ठहराव है 'लॉकडाउन' की पीड़ा है। डॉक्टर का सम्मान है, आध्यात्म दिखता 'लौकिक साथ', 'माँ' का ममत्व है तो जीवन की प्रेरणा देती कविता 'कितना कुछ है', अमर आत्माओं को श्रद्धांजली, संघर्ष के साथ लेखन की प्रेरणा 'कविता का बीज' है।
जंगल का कानून
₹50.00Price
.png)
