Description of the Book:
क्या कहूं बस अलग-अलग लम्हों में मन में अलग-अलग विचार आ जाते हैं या फिर अपने आसपास अलग-अलग परिस्थितियों इंसानों को देखकर जो मन में आ जाता है वही सब कविता बन जाता है|
जो कह न सकी
SKU: 9789357692168
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Author's Name: Vandana Barmecha About the Author: डॉ वंदना बरमेचा राजकीय महाविद्यालय में सहा आचार्य हिंदी के पद पर कार्यरत है। उन्होंने व्यंग्य साहित्य पर शोध कार्य किया है जिसका प्रतिफलन उनकी रचनाओं में यात्रा तत्र दृष्टिगोचर होता है। उनकी अनेक रचनाएँ , विविध स्तरीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं , एवं एक पुस्तक भी प्रकाशित हो चुकी है। लेखन के अलावा बाग़वानी में उनकी विशेष रूचि है। Book ISBN: 9789357692168
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