बहुत से रंग और एहसास जो घूमते हैं किसी इश्क़ की गली में, किसी यारो के चोराहे पर, किसी उम्र के बाजार में और किसी ख्वाबो के शहर में …ये किताब जो आपको उन रस्तों से गुज़ारेगी
जज़्बातों का ज़ख़ीरा
Author’s Name: सुनील सुथार
About the Author: "सुनील सुथार, जिनका जन्म 21 अप्रैल 2000 को राजस्थान के जोधपुर ज़िले के छोटे से गाँव केरू में हुआ उनके पिता सुखदेव जी एक किसान है। एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक़ रखते हुए भी, सुनील ने हमेशा दुनिया को एक संवेदनशील नज़र से देखा है।उनके लिए हर छोटी-सी बात में एक गहराई छिपी होती है — और वही गहराई उनके शब्दों में उतरकर कविता और शायरी का रूप लेती है।सुनील का मानना है कि “हर एहसास अगर दिल से गुज़रे, तो वो शब्दों में नहीं, जज़्बातों में ढल जाता है” लिखने के अलावा वो गाने सुनने, स्केच बनाने, फ़िल्में देखने, और भी कई दिलचस्प चीजों का सौक़ रखते हैं पढ़ाई और काम की वजह से घर से दूर ही रहना पड़ता हैं तो ख़ालीपन में ख्यालों की महफ़िल जम ही जाती हैं"
Book ISBN: 9781807154295
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