रॉबर्ट फ्रॉस्ट ने कहा है -"Poetry is when an emotion has found its thought and the thought has found words." माने "कविता तब बनती है जब भावनाओं को अपने विचार मिलते हैं और उन विचारों को अपने शब्द"। मेरी भी कुछ भावनाएं थी, हैं और रहेंगी, उन्हें भी विचार मिले और मैंने उन्हें शब्दों में पिरोने की कोशिश की। जब आप इन कविताओं को पढ़ेंगे तो शायद ये आपको कविता ना लगें, पर जब मेरे विचार भरे शब्दों को आप पढ़ेंगे तो भावनाएं आप तक ज़रूर पहुँचेंगी। मेरी पहली कोशिश है, आशा करता हूँ मेरे दिल की आवाज़ आपकी आत्मा तक पहुँचे। और प्रेम की भावनाओं के समंदर में आप भी गोते लगा पाएँ। मुझे लगता है प्रेम को जानने के लिए प्रेम करना या होना ज़रूरी नहीं, जब आप प्रेम बन जाते हो, तभी प्रेम को समझ पाते हो।
छत की बातें
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