Description of the Book:
मैं कवि नहीं हूँ। अपनी भावनाओं को पूरी तरह से व्यक्त करने में असमर्थता स्वीकार की तब से मैंने कविता जैसा कुछ लिखना शुरू कर दिया ऐसा मुझे याद है । जीवन को समजते हुए कई अनुभव हुए । कुछ भावनाओं को महसूस तो किया पर दूसरों को समजा नहीं पाया। वह अकथनीय संवेदनाएं कविता के रूप टपकती रही और मैं लिखता गया । भाषा, संरचना, व्याकरण की समझ के बिना लिखी गई ये पंक्तियाँ जितनी काव्य की तरह लगती हैं, मैं उतना ही कवि हूँ । इस रचना को पढ़ने या सुनने वाले भी परिवार या दोस्तों से ज्यादा कोई नहीं हैं। इसी कारण से इस किताब को गोष्ठी कहा हैं । गोष्ठी परिचितों की एक ऐसी बैठक या मंडली हैं जिस मे बेफ़िकर रह कुछ भी कहा जा सकता हैं । गोष्ठी यह भरोसा भी देती हैं की बाते सुनी और समजी जाएगी।
गोष्ठी
SKU: 9789357742030
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Author's Name: Mayur Trivedi About the Author: Mayur Trivedi is a professor of public health. Along with his academic work, he is interested in various art forms, including creative writing. He writes blogs, short stories, and poetry in Hindi and Gujarati. He has keen interest in theater and filmmaking. In addition to being an avid audience, he has acted in short films and drama. Book ISBN: 9789357742030
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