'गुरुजी की असीम कृपा ' जीवन की उन अनकही भावनाओं, गहरे अनुभवों और अदृश्य सच्चाइयों का संग्रह है, जिन्हें हम महसूस तो करते हैं, पर कह नहीं पाते।आशुतोष झा 'शून्य' द्वारा लिखी गई ये कविताएँ केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि मन की आंतरिक पुकार और जीवन के संघर्षों का दर्पण हैं। हर रचना पाठक को अपने भीतर झाँकने के लिए मजबूर करती है।यह पुस्तक उन सभी लोगों के लिए है जो महसूस करते हैं कि:•दिल में बहुत कुछ है, पर कहने के लिए शब्द नहीं।• जीवन की राहें कभी आसान नहीं होतीं।• हर अंत के भीतर एक नई शुरुआत छिपी होती है।यह पुस्तक एक भावनात्मक यात्रा है-शून्य से पूर्णता तक, दर्द से आशा तक, और मौन से अभिव्यक्ति तक।अगर आपने कभी दिल से महसूस किया है तो...यह पुस्तक आपको आपसे मिलवाएगी।
गुरुजी की असीम कृपा...
SKU: 9789373149639
₹110.00Price
Author’s Name: आशुतोष झा 'शून्य'
About the Author: "आशुतोष झा 'शून्य' शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े एक संवेदनशील और चिंतनशील लेखक हैं, जो कानपुर (उत्तर प्रदेश) में निवास करते हैं। सन् 2001 से निरंतर कविता और कहानी लेखन के माध्यम से वे अनुभवों और भावनाओं को शब्दों का रूप दे रहे हैं। लेखन उनके लिए केवल साहित्य नहीं, बल्कि मन की गहराइयों का मुक्त प्रवाह है। बिना किसी बाहरी उपलब्धि की अपेक्षा के, वे लिखते हैं स्व-अभिव्यक्ति और आत्म-संवाद के उद्देश्य से। उनकी रचनाएँ सरल भाषा, सहज भाव और गहरी संवेदना से पाठकों के हृदय को छू लेने की क्षमता रखती हैं। 'शून्य' नाम की प्रतीकात्मकता उनके लेखन दृष्टिकोण को दर्शाती है –शांति और विस्तार की ओर बढ़ता मन।"
Book ISBN: 9789373149639
.png)
