शायरी को पढ़ना और लिखना हर किसी को आता है बस कुछ लोगों के शब्द सब लोगो तक पहुंच जाते है और कुछ लोग अपने तक रखते है।जिंदगी को शायरी की अल्फाजों से समझना ।
गुम है मुसाफिर
SKU: 9789372135046
₹110.00Price
Author’s Name: शालिनी उपाध्याय
About the Author: "हर किसी की लिखने की एक कहानी होती है, और मेरी कहानी है ये शायरी जो ऊपर लिखी है। ये पहली दफा मैने कुछ लिखा था जब जीवन को बहुत गहराई से समझा था ,उसके बाद समझ आया मै ऐसा कुछ भी कर सकती हूं, लिख भी सकती हूं ।उसके बाद धीरे धीरे लिखना शुरू किया और आज लिखते लिखते एक किताब लिख दी । हमेशा मैने अंत में वो काम किया है बेहतर ढंग से जो कभी मुझे पसंद नहीं हुआ करता था ।जिसमें से एक लिखना और किताब पढ़ना भी है ।"
Book ISBN: 9789372135046
.png)
