ज़िंदगी तेज़ है।काम, ज़िम्मेदारियाँ, उम्मीदें और तनाव—सब कुछ हमें लगातार दौड़ाए जा रहा है।लेकिन क्या सचमुच ज़िंदगी का अर्थइसी दौड़ में छिपा है?यह काव्य-संग्रहउसी सवाल से जन्मा है।इन कविताओं मेंन कोई उपदेश है,न कोई तय जवाब—बस जीवन को महसूस करने की एक ईमानदार कोशिश है।यह किताब उस लेखक की यात्रा हैजिसने काम के दबावों और तनाव के बीच भीसुकून को प्राथमिकता देने का चुनाव किया।यहाँ शब्द शोर नहीं करते,धीरे से बात करते हैं।कभी मन से,कभी अनुभवों से,और कभी उस खामोशी सेजहाँ जीवन अपने असली अर्थ बताता है।अगर आप भीज़िंदगी को समझने के लिएकभी रुकना चाहते हैं,अगर आप भीभागते हुए पलों मेंथोड़ा सुकून ढूँढ रहे हैं—तो यह पुस्तकआपसे चुपचाप संवाद करेगी।
खिड़की से झाँकती ज़िंदगी
SKU: 9789375101123
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Author’s Name: शुभम अग्रवाल
About the Author: शुभम अग्रवाल एक ऐसे लेखक हैं, जिनके लिए लेखन सिर्फ़ अभिव्यक्ति नहीं,बल्कि जीवन को समझने का एक शांत माध्यम है।व्यावसायिक जीवन की व्यस्तता औरकाम के दबावों के बीच भीउन्होंने सुकून को प्राथमिकता देने का चुनाव किया—और वही चुनाव उनकी कविताओं की आत्मा बन गया।उनकी रचनाएँदिखावे से दूर,अनुभवों के क़रीब,और जीवन के छोटे-छोटे सत्यों पर आधारित हैं।वे मानते हैं कि कविता का उद्देश्यउत्तर देना नहीं,बल्कि पाठक कोअपने भीतर झाँकने का अवसर देना है।यह काव्य-संग्रहउनकी उसी भीतर की यात्रा का दस्तावेज़ है—जहाँ शब्द, मौन और जीवनआपस में संवाद करते हैं।
Book ISBN: 9789375101123
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