यह किताब विभिन्न विषयों पर लिखी कविताओं का एक गुलदस्ता है। इन रचनाओं में मैंने जीवन मूल्यों और हमारी संस्कृति को सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। कविता, एक ऐसा माध्यम है जो हमारी भावनाओं, विचारों और अनुभवों को शब्दों में पिरोती है।हम सभी के भीतर एक आंतरिक संसार होता है, जो अनकहे विचारों और अनछुई भावनाओं से भरा होता है। ऐसी ही कुछ अनकही कल्पनाओं और विचारों को मैंने इन रचनाओं की शक्ल में उजागर करने की एक कोशिश की है। यह रचनाएं मेरे दिल के बहुत करीब हैं और मुझे विश्वास है यह आप सबके दिल तक भी जरूर पहुंचेंगी।
काव्य गुलदस्ता
Author’s Name: निकुंज रोहतगी
About the Author: "निकुंज रोहतगीएक उभरते हुए कवि हैं, जिन्होंने अपनी पहली कविता पुस्तक कावय गुलदस्ता के माध्यम से हिंदी साहित्य में कदम रखा है। उनका जन्म १२ जून १९६२ को कानपुर में हुआ । वर्तमान में वे पूना, महाराष्ट् में रहते हैं जहाँ से उन्होंने अपनी साहित्यिक यात्रा की शुरुआत की। उनका साहित्य में रुचि और रचनात्मकता, उन्हें प्रेरणा देती रही, जिससे उन्होंने समाज, प्रेम, प्रकृति और मानवीय भावनाओं से जुड़े विषयों पर कविताएँ लिखीं।उनकी लेखनी में सरलता और गहराई का अद्भुत संगम है, जो पाठकों को जीवंत अनुभव प्रदान करता है। वे मानते हैं कि कविता केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मा की आवाज है। वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रयासरत हैं तथा आगे भी नए विषयों पर लेखन जारी रखेंगे।"
Book ISBN: 9789373140452
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