top of page
काली : मेरे प्राणों की पुकारमेरे लिए सिर्फ कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि माँ काली के प्रति एक संतान के मिले-जुले भावों की ईमानदार अभिव्यक्ति है। इन कविताओं में कभी अटूट श्रद्धा है, तो कभी प्रश्न और तड़प। कभी माँ से दूरी का अनुभव है, तो कभी उनकी निरंतर उपस्थिति का शांत भरोसा।यह पुस्तक किसी निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए नहीं लिखी गई, बल्कि उस यात्रा को शब्द देती है जो भक्ति, संशय और समर्पण के बीच लगातार चलती रहती है। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जिनके हृदय में माँ काली के प्रति श्रद्धा है,और जो भक्ति को आडंबर नहीं, अनुभव के रूप में महसूस करना चाहते हैं।यदि आपके हृदय में माँ काली के प्रति श्रद्धा है, तो संभव है इन पन्नों में आप अपने ही भावों की झलक पाएँ।

काली: मेरे प्राणों की पुकार

SKU: 9789375108931
₹110.00Price
Quantity
  • Author’s Name: श्रेया

    About the Author: मैं, श्रेया, भक्ति, अनुभव और आत्मचिंतन से प्रेरित होकर लिखती हूँ। मेरी कविताएँ किसी सिद्धांत को स्थापित करने के लिए नहीं, बल्कि हृदय में उठते सच्चे भावों को जैसा-का-तैसा रखने का प्रयास हैं। मेरा लेखन अनुभव, भक्ति और आत्मचिंतन के बीच , एक सहज संवाद है।

    Book ISBN: 9789375108931

Shop

Store Policy

About

Contact

© 2022 by BookLeaf Publishing.

Great quality eBooks.

Incredible buying experience.

Convenient and secure payment experience.

  • Instagram
  • Facebook
  • Twitter
  • YouTube
  • LinkedIn
Blue Sky and Snow Winter Quote Instagram Post (2).png
btn-Help1.png
bottom of page