"क्या मैं सोचती हूँ” विचारों, अनुभवों और भावनाओं की उस यात्रा का संग्रह है जहाँ मन प्रश्न करता है और आत्मा उत्तर खोजती है।वर्चस्विनी की कविताएँ समाज, प्रेम, लक्ष्य और अस्तित्व के बीच झूलते मनुष्य की आंतरिक आवाज़ हैं।यह पुस्तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुँचती — बल्कि पाठक को स्वयं सोचने के लिए प्रेरित करती है।हर कविता एक दर्पण है, जो कभी मन दिखाती है, कभी संसार।यह संग्रह उस सोच का प्रतिबिंब है, जो शब्दों से परे जाकर महसूस की जा सकती है।
क्या मैं सोचती हूँ ?
SKU: 9781807158057
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Author’s Name: Varchauswini Pathik
About the Author: "वर्चस्विनी, भोपाल (भारत) से हैं — एक इंजीनियर जिनके भीतर साहित्य और कला के प्रति गहरा प्रेम बसता है। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने जीवन के गूढ़ पहलुओं को समझना शुरू किया और वहीं से उनकी कविताओं व दार्शनिक लेखों की यात्रा आरंभ हुई। वे मंचों पर कविता-पाठ, गायन और नृत्य प्रस्तुतियों से अपनी संवेदना व्यक्त करती हैं। वर्ष 2025 में उन्हें मध्यप्रदेश का कौशलम प्रतिभा प्रोत्साहन सम्मान प्राप्त हुआ। वर्तमान में वे ऑस्ट्रिया में एम.एस. की पढ़ाई के लिए जा रही हैं।"
Book ISBN: 9781807158057
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