Description of the Book:
प्यार कोई मामुली एहसास नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ी तकत है जिसने धरती के हर तत्व को जोड़ा रखा है।
ये प्रकृति के हर तत्व में पाया जाता है, पेङों से लेकर पंक्षियो में, और जनवारो से लेकर मनुश्यों में। प्यार ऐसा एहसास है जिससे दिखाया नहीं, सिर्फ किसी मध्यम से दर्शाया जा सकता है और उसी का प्रयास इस पुस्तक में किया गया है।
ये कोई मामुली प्रेम पुस्तक नहीं, बल्कि ये वो कवितायें है जिनमें प्रेम को प्रकृति के केई पहलूओं से दर्शाया गया है।
प्यार दो मनुश्यों को नी, बाल्की प्रकृति के दो अनमोल शक्तियों को जोड़ता है, जिसका जश्न तारे, नदी, झरने और हवाएं तक मनाते हैं।
इस पुस्तक में कविताओं के द्वारा प्यारे के हर एक अनुभव, हर एक एहसास और हर एक स्थिति को दर्शाने की भरपुर कोषिश की गई है, चाहे वो पहली बार मिलना, रूठना, दूर जाना, मनाना या अलग अलग तरीको से प्यार जताना हो।
कही-अनकही
Author's Name: Gaurika Nigam About the Author: गौरिका निगम का जन्म वाराणसी काशी में 13 मार्च सन 2004 में हुआ। उनकी माता का नाम श्रीमती सीमा निगम और पिता का नाम श्री राकेश निगम है। उनकी प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी और जिंदल स्कूल हरियाणा में हुई। उच्च शिक्षा के लिए वह आई आई एम (भारतीय प्रबन्धन संस्थान) में अध्ययनरत हैं । गौरिका निगम की कविताएं गहरे शृंगार रस अभिप्राय वाली होती हैं, जिनमें बिरहा वेदना मिलन सभी कुछ व्याप्त है। इनकी कविताएं जीवन के उतार-चढ़ाव में भी प्रेम के प्रति गहरी आस्था को उभरती हैं। इनकी कविताएं बहुत ही सरल आम बोलचाल की भाषा में लिखी गई है, जो जनमानस के हृदय पर सीधा प्रभाव डालती हैं। Book ISBN: 9789357616256
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