इस पुस्तक में २१ कविताओं का संग्रह है जो मानवीवीय संवेदनाओं को प्रकट करती हैं । जिसमे कवित्री ने समाज से प्राप्त अपने अनुभव को भावनात्मक रूप से दर्शाया है। इन कविताओं के द्वारा प्रेरित किया गया है की मुश्किलों से नहीं घबराना चाहिए एवं स्वयं पर भरोसा करना चाहिए । अगर स्वयं पर विश्वास हो तो कोई भी रास्ता कठिन नहीं। इसके अलावा समाज के मूल्यों में गिरावट आने से हर व्यक्ति मतलबी हो गया है जिस वजह से अधिकतर सभी अकेलेपन व निराशा के शिकार है इस परिस्थितियों में स्वयं को कैसे संभालना है तथा बुरी आदतों को छोड़कर सकारात्मक रहने के लिए इन रचनाओं के द्वारा समझाया गया है
एहसास
Author’s Name: सुधा मलिक
About the Author: "श्रीमती सुधा मलिक का जन्म १९७२ में दिल्ली में हुआ । श्रीमती सुधा मलिक कर्म से पुलिस कर्मी हैं किंतु हृदय से अत्यंत संवेदनशील एवं भावुक प्रकृति की है । आपने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री प्राप्त की है व महर्षि दयानन्द विश्वविद्यालय, रोहतक से बी.एड डिग्री प्राप्त करने के पश्चात मेरठ विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है ।आप दिल्ली पुलिस में वर्ष १९९५ से कार्यरत है अतः आप पुलिस विभाग में ३० वर्ष का सफ़र तय कर चुकी है । अपने मन के भावों को कविता के रूप में व्यक्त करना आपकी रुचि ही नहीं बल्कि आपकी आदत सी बन गई है । आपकी प्रथम पुस्तक “एहसास” वर्ष २०२५ में प्रकाशित हो चुकी है तथा अब “एहसास (अनुभूति)” नाम की यह पुस्तक प्रथम पुस्तक की अग्रिम शृंखला के रूप में प्रस्तुत है ।"
Book ISBN: 9781807152598
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