Description of the Book:
वास्तव में कविता लिखना और प्रकाशित होना मेरे लिए अपने अस्तित्व को बनाये रखने का एक सबसे बड़ा शस्त्र रहा है। यह कविताओं का संकलन मेरे मन में उभरे अनेक भावनाओं की एक लम्बी यात्रा है इनमें उतार चढ़ाव हैं, प्रेम और रोमांस है,दुःख है , क्षोभ है, उन्माद है एवं अवसाद भी। इसलिए मेरा अनुरोध है कि इनको अलग अलग समय पर आये हुए भावों के रूप में देखें और कवि को जज ना करे। जीवन अनेक उतार चढ़ाव के बीच गुजरा और अंततः ढेर सारी सफलताएं भी मिलीं। कविताओं ने संघर्ष करने की ताकत दी। एक कवि ने एक कैटलिस्ट (उत्प्रेरक) की तरह होना चाहिए। परेशानियों के दौर में भी वह परेशानियों की नकारात्मकता से प्रभावित नहीं होता, क्रियाशील रहता है,और बढ़ता जाता है।
एहसास और अल्फाज़ - दिल से .....
Author's Name: कैप्टेन महेश भाकुनी
About the Author: "कैप्टेन महेश भाकुनी एक पूर्व सैनिक अधिकारी हैं और सेना से निवृत होकर उन्होंने कॉर्पोरेट जगत में अनेक प्रतिष्ठानों में मानव संसाधन विभाग में अनेक पदों में कार्य किया। प्रबंधक से लेकर उपाध्यक्ष एवं निदेशक के रूप में उनका कार्य काल अत्यंत सफल रहा। इस दौरान उन्होंने अनेक लेख भी लिखे और प्रकाशित भी हुए। वह दो भाषाओँ हिंदी और अंग्रेजी में लिखते हैं। कुमाऊँ यूनिवर्सिटी से उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएशन की। तत्पश्चात भारतीय कवचित सेना में अधिकारी के रूप में उनका चयन हुआ। उनका जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले में हुआ , वहीँ पले बढे और शिक्षा प्राप्त की। उनसे bhakunimcs@yahoo.co.uk पर संपर्क किया जा सकता है।" Book ISBN: 9789367396988
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