यह किताब एक ऐसे सफ़र की कहानी है, जो आम ज़िंदगी की छोटी-छोटी घटनाओं, अनदेखी भावनाओं और यादों से बुना गया है। इसमें कवि नूर ने सरल भाषा में जीवन के उन पहलुओं को उकेरा है, जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं। हर कविता में तन्हाई, उम्मीद, खुशियाँ और कभी-कभी खामोशी की गहराई भी दिखाई देती है। शहर की हलचल हो या चाय की गर्माहट, हर अनुभव पाठक को सोचने, महसूस करने और अपनी दुनिया में खो जाने का मौका देता है। यह किताब भावनाओं की सजीव तस्वीर पेश करती है और पाठक के दिल को छू जाती है।
एक शहर मुझमें भी
SKU: 9781807159931
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Author’s Name: नूर काज़मी
About the Author: नूर का स्वभाव शांत है, लेकिन उनके भीतर अनुभवों और भावनाओं का समंदर है। लिखना उनके लिए केवल कला नहीं, बल्कि जीवन को महसूस करके सरल और सच्चाई के साथ व्यक्त करने का माध्यम है। वे रोज़मर्रा की छोटी-छोटी घटनाओं, अनदेखी भावनाओं और साधारण पलों में गहराई तलाशते हैं। चाय की गर्माहट, शहर की भीड़, तन्हाई या यादों की मुलाक़ात; इन सबका प्रभाव उनके लेखन में दिखाई देता है। नूर की कविताएँ जीवन की सच्चाई, सुंदरता और संवेदनशीलता को सामने लाती हैं और पाठकों के दिल में स्थायी छाप छोड़ती हैं।
Book ISBN: 9781807159931
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