उपवन - यादों के साए मेंउपवन का अर्थ होता है, बगीचा या उद्यान।यह एक ऐसा स्थान होता है, जहां पेड़-पौधे, विभिन्न प्रकार के फूल और घांस-फूस भी लगे होते हैं।कहते हैं कि "लाख करे पतझड़ कोशिश पर, उपवन नहीं मरा करता है।"बच्चन जी ने कहा है -झूम झपक मद-झंपित होते,उपवन क्या है "मधुशाला"।उपवन को वाटिका, लताकुंज, गुलशन,चमन आदि नामों से भी, संबोधित किया जाता है।यही उपवन अभी,आपके हाथों में है।धूप-छांव, खुशी-गम, आत्मबोध, सामाजिक सरोकारों से गुज़रते हुए, इस उपवन के पुष्पों को, मैं आपकी, हथेलियों में समर्पित कर रही हूं,इस आकांक्षा के साथ कि,आप सबका स्नेह, प्यार और दुलार मुझे आगे के लिए भी प्रेरित कर सके।
उपवन
SKU: 9789373146997
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Author’s Name: Pushp Lata Rai
About the Author: वाराणसी में जन्मी पुष्पलता राय, हिंदी की प्रवीण शिक्षिका और संवेदनशील कवयित्री हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी में स्नातकोत्तर, उन्होंने जीवन का अधिकांश समय अध्ययन-अध्यापन को समर्पित किया और अनेक विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उनकी शिक्षण-शैली नवोन्मेषी और प्रभावशाली रही, जिसके लिए उन्हें कई सम्मान प्राप्त हुए। साहित्य, पर्यटन और लेखन में रुचि रखने वाली पुष्पलता जी के लेख व कविताएँ विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होती रही हैं। उनकी रचनाएँ हृदय को सीधे स्पर्श करती हैं। वर्तमान में वे अपने पति के साथ दिल्ली में निवास करती हैं। यह उनका दूसरा प्रकाशित काव्य-संग्रह है।
Book ISBN: 9789373146997
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