Description of the Book:
इस किताब में, सौरभ चौहान ने दिल्ली के शोर में, रोज़मर्रा की ज़िंदगी की गूंज में, एक ऐसे दुनिया का पर्दा उठाया है जो अक्सर देखी और सुनी नहीं जाती। "उदासी बोलती है " में, वह उन नज़्मों के ज़रिए रीडर्स को बुलाता है, जो दबी कुचली बातों का राज़ छुपाते हुए उनकी कहानियों में छिपे हैं। हर नज़्म एक ऐसा झरोका है, जिसमें सामान्य ज़िंदगी की अधूरी कहानियाँ छुपी हुई हैं। ये कहानियाँ उन अधूरे ख्वाबों की मुकम्मल दास्तान हैं।
सौरभ चौहान के कलम से निकली हर नज़्म एक अनोखी कहानी है, जहाँ प्यार, जुदाई, पहचान और दोबारा पाने की उम्मीद की धूप-छाँव है। चाय की दुकान के प्याले से लेकर, तंबाकू की धुएं में, हर नज़्म अपने अंदाज़ में एक सामाजिक संदेश छुपाती है, जो पढ़ने वाले के दिल को छू जाती है।
"उदासी बोलती है" एक नज़्मों का सिलसिला नहीं है, बल्कि ये एक सफर है, जिसमें हर क़दम पर नए रास्ते मिलते हैं, नए सपने देखे जाते हैं और नयी उम्मीदें जगती हैं। सौरभ चौहान के शब्दों से बनी हर कविता एक चमक है, जो पढ़ने वाले की रूह में झाँकती है और उन्हें अपने अंदर की आवाजें सुनने के लिए प्रेरित करती है।
top of page
SKU: 9789360942724
₹110.00Price
Helvetica Light is an easy-to-read font, with tall and narrow letters, that works well on almost every site.
bottom of page
.png)
