आत्म चिंतन -ध्यान और योग की सहायता से आत्म चिंतन की सुनहरी दुनिया मिली, मन में प्रसन्नता ,कार्य कुशलता उस ईश्वर की रजा में जो हो रहा है उसमें आनंद की अनुभूति हुई गूंज ,सृष्टि का आधार ,इम्तिहान परंपराओं की डोर, मां का आंचल , जीवन की गहराई, देश का मान, प्रकृति का संतुलन जैसी कविताएं उजागर हुई संस्कार इंसान की पहचान है जमीन पर रहते हुए आसमान छूने का ज्ञान है
आत्म- चिंतन
SKU: 9789373149967
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Author's name: Veena Masown About the author: "अपनी भावनाओं को काव्य रूप देने के लिए मेरे पिताजी ने मुझे प्रेरित कियातब मैं 17 वर्ष की थी और छोटी-छोटी कविताएं लिखा करती थीतो मेरे पिताजी मेरी कविताओं को मुझ से सुनते और उसमे उर्दू भाषा के शब्दों से उसे और खूबसूरत बना देते थे मेरी कविता मां का आंचल जब मैंने अपनी मां को सुनाई तो मां की आंखों में पानी था और आशीर्वाद देते हुए बोले कि अच्छा लिख लेती है लिखा कर आज मैं अपने माता-पिता के आशीर्वाद से इसे लिखने में सफल हुई है" Book ISBN: 9789373149967
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