जीवन की आपाधापी में जब अपने हीभीतर लौटने की आवश्यकता महसूस होती है,तब कविता हमारे लिए एक दर्पण बन जाती है— जो छिपे भावों, प्रश्नों, और संबंधों की परतें खोलती है ।आत्मगीत" एक ऐसी ही यात्रा है— स्वयं की खोज, आत्म-संवाद, प्रेम, पीड़ाऔर स्वीकार के गीतों की ।“आत्मगीत" उन तमाम पलों, रिश्तों, संवादों और मौन का साझा गीत है जिन्होंने मुझे भीतर से सुना, समझा और लिखने की ताक़त दी।
आत्मगीत
SKU: 9789373147970
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Author’s Name: नीरू मुखीजा
About the Author: "नीरू एक ऐसी कवयित्री हैं जो ज़िंदगी की छोटी-छोटी भावनाओं को गहराई से महसूस करती हैं और उन्हें सरल, सच्चे शब्दों में पिरोती हैं। उनकी कविताएँ रिश्तों, खामोशियों, उम्मीदों और आत्मयात्रा के उन पलों को आवाज़ देती हैं, जिन्हें हम अक्सर महसूस तो करते हैं पर कह नहीं पाते। आत्मगीत उनकी अंतर्मन की उसी यात्रा का दस्तावेज़ है—जहाँ हर कविता उनके अनुभवों, संघर्षों और नए जीवन की तलाश से जन्मी है। नीरू मानती हैं कि दिल की बात को सुनना ही इंसान का सबसे बड़ा साहस है, और उनकी रचनाएँ इसी साहस की गवाही देती हैं।"
Book ISBN: 9789373147970
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