हम सब अपनी-अपनी मंज़िल की तलाश में सफ़र को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, जो हमारे पास हैं। यह पुस्तक एक कोशिश है—उन पलों को समेटने की जो हम जीते तो हैं, पर महसूस करना भूल जाते हैं। एक नई कलम से निकली ये कविताएँ किसी भारी-भरकम साहित्य का दावा नहीं करतीं, बल्कि यह एक दोस्त की तरह आपसे बात करती हैं। मन के हर मौसम को छूती ये पंक्तियाँ आपको अपनी कहानी सी लगेंगी।
अंतर्मन
SKU: 9789375108962
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