“अन्तर्मन के शैवाल” मन की उन गहराइयों की यात्रा है, जहाँ विचार ठहरे जल की तरह स्थिर भी हैं और अशांत भी। इन कविताओं में जीवन के मौन क्षणों, वियोग, असंतोष और आत्म-संघर्ष की परछाइयाँ झिलमिलाती हैं। यह संग्रह किसी विचारधारा का घोष नहीं, बल्कि भीतर की उस आवाज़ का प्रतिध्वनन है जो बोलने से पहले ठहर जाती है। इन पंक्तियों में व्यक्ति की विफलता, विवशता और मौन प्रतिरोध एक साथ सांस लेते हैं—जैसे ठहराव के भीतर भी कोई अनदेखा प्रवाह अब भी बह रहा हो।
अंतर्मन के शैवाल
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Author’s Name: अजीत कुमार राय
About the Author: अजीत कुमार राय गाज़ीपुर जिले के एक छोटे से गाँव से हैं। उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त की। ग्रामीण जीवन की सादगी और बनारस की बौद्धिक विरासत, दोनों ने उनके लेखन को गहराई दी है। उनकी रचनाओं में स्मृति, समय और संवेदना के सूक्ष्म स्वर गूंजते हैं। वे जीवन के मौन क्षणों में छिपे अर्थों को शब्द देने का प्रयास करते हैं। “अन्तर्मन के शैवाल” उनके भीतर की उस खोज का प्रतिबिंब है, जहाँ अनुभूति ही सबसे सच्ची भाषा बन जाती है।
Book ISBN: 9781807151638
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