यह कविता-संग्रह मानवीय भावनाओं की उन अनकही गहराइयों को स्वर देता है, जिन्हें हम सभी भीतर ही भीतर महसूस करते हैं। लेखिका ने पीड़ा, संघर्ष, व्यंग्य, वियोग और प्रेम जैसे विविध अनुभवों को अत्यंत संवेदनशीलता से काव्य में पिरोया है। हर कविता एक मौन पुकार है—जो हृदय को छूती है और विचारों को झकझोरती है। यह संग्रह उन पाठकों के लिए है जो कविता को केवल मनोरंजन नहीं, आत्मा की अभिव्यक्ति मानते हैं।
अंतर्ध्वनि की स्याही
SKU: 9789372138412
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Author’s Name: साधना शर्मा
About the Author: इस काव्य-संग्रह की रचयिता श्रीमती साधना शर्मा जी का मूल निवास पावन नगरी मथुरा में है तथा विवाह के पश्चात वे राजस्थान के ऐतिहासिक नगर जोधपुर में अपने परिवार संग निवासरत हैं। पेशे से वे विज्ञान विषय की शिक्षिका है। शिक्षण के अतिरिक्त उन्हें साहित्य, नृत्य एवं चित्रकला जैसे कलात्मक अभिरुचियों में विशेष अनुराग है। लेखन उनके लिए मात्र अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, अपितु आत्मसाक्षात्कार की एक साधना है।
Book ISBN: 9789372138412
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