अंतर्द्वंद्व का अर्थ है आंतरिक संघर्ष या मन के भीतर चलने वाला विचारों का टकराव. यह शब्द 'अंतर' (भीतरी) और 'द्वंद्व' (मन का संघर्ष या विरोधाभास) से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है किसी व्यक्ति के भीतर, विचारों या इच्छाओं के बीच होने वाला टकराव. संक्षेप में, अंतर्द्वंद एक ऐसी मानसिक स्थिति है जिसमें एक व्यक्ति अपने भीतर ही विचारों, भावनाओं या इच्छाओं के बीच फंसा रहता है और निर्णय लेने में असमर्थ महसूस करता है.
अंतर्द्वंद
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Author’s Name: श्लोक
About the Author: [श्लोक] दिल्ली की निवासी हैं, इन्होंने अपनी शिक्षा इसी शहर से पूरी की और वर्तमान में वहीं कार्यरत हैं। उन्होंने लगभग दो वर्ष पहले हिंदी लेखन की यात्रा शुरू की थी। लेखन उनक शिर भावसाओ और विचारों को अभिव्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। इनकी पहली पुस्तक ' अंर्तदद' माध्यम इसी बात का संकेत है उस व्यक्ति के लिए है, यह पुस्तक जो बया नही कर पाते। इसमें इन्होंने अपने अनुभवों और भावनाओं की पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।
Book ISBN: 9798900810867
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