इन कविताओं में, जीवन में आने वाली या आस पास देखी जाने वाली गंभीर परिस्थितियों से घबराने या दुखी होने को एक चुनौती समझ कर स्वयं को संभालने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने और स्वयं में अपने बचपन को जिंदा रखने, राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया गया है |
अविरल
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Author's Name: प्रेम लता आनन्द About the Author: "मैं, प्रेम लता आनन्द, नीति आयोग से सहायक निदेशक (राजभाषा ) के पद से सेवा निवृत्त हूं। राजभाषा के प्रगामी प्रयोग से संबंधित कार्य करने के कारण हिन्दी के प्रति मेरा विशेष लगाव रहा है । नागर विमानन महानिदेशालय में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने, विमानन से संबंधित 'पुस्तक लेखन प्रतियोगिता ' में भाग लिया जिसमें प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। संक्षेप में, मेरे जीवन का अब तक का सफर व सेवा कार्य काल काफी रोमांच व उत्साह से भरा हुआ रहा है।" Book ISBN: 9789370929043
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